मेरा ब्लॉग...मेरी वाणी!
एक वेबसाइट है ब्लॉगवाणी!....अच्छी वेबसाइट है....यहां सिर्फ हिंदी में ही ब्लॉग लिखे जाते है!....लेकिन मैने ibibo पर लिखना पसंद किया और लगभग एक वर्ष और एक महीने से यहीं इसी महल में मजेसे रह रही हूं...मतलब की ibibo को ही मैने अपना कार्य-क्षेत्र बनाया हुआ है!...
...चर्चा मै अब अपनी लेखनी द्वारा, अपनी वाणी में करना चाहती हूं!... इस पोस्ट में मै अपनी हाल ही चल रही गती-विधियों की जानकारी सूचित कर रही हूं!... सबसे पहले तो मै विजय भैया ( विजय कायल) से माफी मांगने की घृष्टता कर रही हूं!... उन्हों ने ब्लर्ब लिख कर मुझे इन्फोर्म किया था कि वे 3 ऑगस्ट को दिल्ली आ रहे है और मुझसे मिलने की उनकी दिली इच्छा है....मैने भी 4 ऑगस्ट के दिन फोन पर उनसे बात करने की इच्छा जाहिर की थी.... लेकिन हुआ यह कि मेरा किसी शादी के सिलसिले में पंजाब जाना हुआ और मै दिल्ली में हाजिर न होने की वजह से विजय भैया से बात न कर सकी..... अब पता चला है कि वे हरिद्वार और बद्रीनाथ गए हुए है!
.... विजय भैया 3 ऑगस्ट को यहां दिल्ली अपनी बिटिया से मिलने आए है, भाभीजी भी साथ है ...और संजोग की बात है कि 1 ऑगस्ट के दिन मेरी जर्मनी में सेटल बिटिया, यहां दिल्ली आई हुई है!... विजय भैया मुझे दीदी कहते है... उनका और मेरा कार्यक्रम इन दिनों एक जैसा ही है!
.... मै 15 ऑगस्ट के दिन दिल्ली से शिरडी-सांईबाबा के दर्शनार्थ जा रही हूं!... क्या कहती हो निशा?... तुम तो वहां जाती रहती हो?...क्या 17 ऑगस्ट को वहीं पर मिल जाओगी?....फोटो तो मैने तुम्हारी देखी हुई है और तुमने मेरी देखी हुई है... हमे आपस में पहचान बनाने में, मै समझती हूं कि कोई कठीनाई नहीं होगी!
... शिरडी से मै हैदराबाद जा रही हूं!... मुझे लगता है कि मेरे फ्रैंड श्रीहरी हैदराबाद से है...उनके शहर में जा कर उन्हें याद न करुं ....यह कैसे हो सकता है?...हैदराबाद से वैसे भी मुझे लगाव है!...मेरे एक नॉवलमें मैने अपने पात्रों को हैदराबाद की खूब सैर कराई है!... रामोजी फिल्म सिटी के बारे में भी बहुत कुछ लिखा है!...मेरा फेवरेट क्रिकेटर अझरुद्दीन भी तो हैदराबाद से ही है!
...हैदराबाद से आगे तिरुपतिबालाजी जाने का प्रोग्राम बना हुआ है!... जो भारत के सर्वाधिक सपन्न देवस्थानों में सबसे अग्रणी है!... भारत भर में बहुत सी जगहों पर घुमने बाद भी अब भी बहुत कुछ देखना बाकी ही है!... मन भरता नहीं है!
....विजय भैया से सच्चे मन से मै फिर एक बार माफी चाहती हूं!... इस बार नहीं तो आपकी अगली ट्रीप में जरुर मुलाकात होगी विजय भैया!
...जाहिर है कि कुछ दिनों के लिए लिखने का काम बंद ही रहेगा!... हां!...जब भी मौका मिला, सवाल-जवाब की खिडकी से ibibo के महल में झांकने से अपने अपनेआप को नहीं रोक पाउंगी मै!